OTT क्या है ? OTT गाइडलाइंस जारी Facebook से लेकर Twitter  नये  नियम 2021

OTT क्या है ? OTT गाइडलाइंस जारी Facebook से लेकर Twitter नये नियम 2021

What is OTT Platform : Facebook से लेकर Twitter पर सख्ती, सोशल मीड‍िया के ल‍िए जारी की गाइडलाइन केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए नई गाइडलाइंस जारी कर दी है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमें सोशल मीडिया की कई शिकायतें मिलीं. सोशल मीडिया में दिखाई जा रही चीजें अभद्र. सोशलि मीडिया का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किए गए. हम सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल के खिलाफ हैं.

OTT क्या है ? OTT गाइडलाइंस जारी Facebook से लेकर Twitter  नये  नियम 2021

OTT क्या है ? 

OTT का फुल फॉर्म Over-The-Top होता है । OTT ऐसे प्लेटफॉर्म को कहा जाता है जो इंटरनेट के जरिए Video या अन्य Media Content उपलब्ध करते है । ओटीटी शब्द का उपयोग सामान्य रूप से Video On Demand Platforms के लिए किया जाता है, इसके अलावा Audio Streaming , OTT Devices, VoIP Call, Communication Channel Messaging आदि भी इसमें गिने जाते है ।


OTT Content लोगों को इंटरनेट के जरिए उपलब्ध कराया जाता है । Video Streaming Service तेजी से दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है । अमेरिका में ओटीटी प्लेटफॉर्म बहुत ज्यादा लोकप्रिय है और पिछले कुछ समय में OTT Service भारत में भी लोकप्रियता की ओर बढ़ रही है । विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में मनोरंजन के लिए OTT कंटेंट सबसे ज्यादा देखे जाएँगे ।


नए गाइडलाइंस के अनुसार ओटीटी पर तीन स्तर पर निगरानी का मेकेनिज्म बनेगा. नए गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल मीडिया पर अब आपत्तिजनक पोस्ट 24 घंटे में हटाना होगा. देखें वीडियो. OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारी, धर्म, जाति से जुड़े कमेंट पर होगी रोक ।


ओटीटी गाइडलाइन्स में उल्लेख होगा कि कोई भी कंटेट धार्मिक/क्षेत्र/जाति को आहत करने वाला नहीं होना चाहिए. ओटीटी न्यूज कंटेट की निगरानी सरकार द्वारा की जाएगी. इस बाबत सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक तौर पर डिटेल गाइडलाइन्स जारी की जाएगी. OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारीOTT कंटेंट को लेकर जल्द जारी होगी गाइडलाइन्सकेंद्र जल्द करेगा आधिकारिक घोषणा।


ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को लेकर हाल के दिनों काफी विवाद हुआ. कई वेबसीरीज पर लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई. इसको लेकर शिकायत दर्ज कराई गई और मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा. ऐसे में अब केंद्र ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और उसके कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारी में है.ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कंटेट को नियंत्रण में लाने के लिए गाइडलाइन्स जारी की जाएंगी।


ओटीटी गाइडलाइन्स में उल्लेख होगा कि कोई भी कंटेट धार्मिक/क्षेत्र/जाति को आहत करने वाला नहीं होना चाहिए. ओटीटी न्यूज कंटेट की निगरानी सरकार द्वारा की जाएगी. इस बाबत सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक तौर पर डिटेल गाइडलाइन्स जारी की जाएगी।


दरअसल, मिर्जापुर, तांडव समेत कई सारी वेब सीरीज को लेकर किए गए विरोध के बाद केंद्र सरकार ने अब सख्त रवैया अपनाने का फैसला ले लिया है. इसके लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कंटेट को नियंत्रण में लाने के लिए जल्द ही गाइडलाइन्स जारी होगी. विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दिखाए जा रहे कंटेट को लेकर सेल्फ गाइडलाइन्स जारी होगी।


हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुए कुछ सीरीयल्स को लेकर हमें कई सारी शिकायतें मिली हैं. ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाली फिल्में और सीरियल्स प्रेस काउंसिल एक्ट, केबल टेलीव‍िजन नेटवर्क एक्ट और सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन्स के दायरे में नहीं आते हैं. हम इस पर जल्द ही कुछ नई गाइडलाइन्स लेकर आएंगे।


इससे पहले सरकार चाहती थी कि ओटीटी के तमाम प्लेयर्स, खुद ही एक सेल्फ रेगुलेशन बनाएं. ताकि वहां दिखाई जाने वाली फिल्म या वेब सीरीज पर नजर रखी जा सके. लेकिन अब तक ओटीटी प्लेयर्स की तरफ से ऐसी कोई पहल नहीं हुई है. ऐसे में अब सरकार खुद ही गाइडलाइन्स लाने जा रही है।

 

बता दें कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुई कुछ वेब सीरीज पर यूपी के लखनऊ, ग्रेटर नोएडा, शाहजहांपुर समेत मध्यप्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी लोगों ने आपत्ति जताई थी और इसके कथानक को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी।



 स्टूडेंट्स के लिए कम दाम में ज्यादा फीचर्स वाले ये 5G और 4G बेस्ट मोबाइल्स फोन्स 2021 - Latest Khabars

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Best Smart Phone For Students : स्टूडेंट्स के लिए  अच्छी स्पीड और अच्छा परफॉर्मेंस के हिसाब से बेहतर मोबाइल डिवाइस की खोज कर रहे तो आइए, जानते हैं Xiaomi, Motorola, Realme, OnePlus और Samsung के इन स्मार्टफोन्स की कीमत और खासियत और उसकी पूरी जानकारी। स्टूडेंट्स के लिए कम दाम में ज्यादा फीचर्स वाले ये 5G और 4G मोबाइल्स इनदिनों कम दाम में बेहतरीन 5G स्मार्टफोन्स लॉन्च किए गए हैं, जो कि स्टूडेंट्स के लिए काफी जरूरी और उपयोगी साबित हो सकते हैं। 


स्टूडेंट्स के लिए कम दाम में ज्यादा फीचर्स वाले ये 5G और 4G बेस्ट मोबाइल्स फोन्स 2021

विलायती 5जी स्मार्टफोन्स की डिमांड अब कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। बड़ी-बड़ी कंपनियां कम दाम के 5जी मोबाइल्स लॉन्च कर रही है सैमसंग और रियलमी के मोबाइल पर सबकी निगाहें टिकीं हुई है।


Samsung Galaxy F62 

Samsung Galaxy F62 में पावरफुल octa-core Samsung Exynos 9825 प्रोसेसर लगा है और इसे 6GB, 8GB RAM के साथ ही 128 जीबी स्टोरेज ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इस फोन में 7000 mAh की पावरफुल बैटरी बैकअप दिया गया है, जो 25W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ है। कैमरे की बात करें तो इसमें 64 मेगापिक्सल वाले प्राइमरी सेंसर के साथ क्वॉड रियर कैमरा का सेटअप दिया गया है और इसमें 32 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है।


Xiaomi Mi 10i 5G

Xiaomi Mi 10i 5G भारत में सबसे ज्यादा स्मार्टफोन बेचने वाली कंपनी Xiaomi ने इस साल जनवरी में भारत में सबसे सस्ता 5जी मोबाइल Mi 10i 5G लॉन्च किया, जिसमें 6.67 इंच का IPS LCD, HDR10 सपोर्ट वाला डिस्प्ले लगा है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास से प्रोटेक्टेड इस मोबाइल की स्क्रीन का रिजॉल्यूशन 1080x2400 पिक्सल है। Android 10 लेटेस्ट वर्जन पर बेस्ड इस फोन में Qualcomm Snapdragon 750G चिपसेट लगा है।


शाओमी के द्वारा इस फोन को 6GB+128GB और 8GB RAM+128GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया गया है। शाओमी (MI)10 I में 4820 mAh की बैटरी है, जो 33W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ है। Pacific Sunrise, Atlantic Blue और Midnight Black कलर ऑप्शन में लॉन्च किया है । इस फोन में 108 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर वाला क्वॉड कैमरा सेटअप दिया गया है। इसी के साथ 16 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा भी दिया गया है। Mi 10i 5G को 21,999 रुपये में खरीदा जा सकता है।


OnePlus Nord

प्रीमियम स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी वनप्लस ने बीते साल भारत में अपना सबसे किफायती मोबाइल OnePlus Nord लॉन्च किया था, जिसकी कीमत फिलहाल 27,999 रुपये है। इस फोन की खूबियों की बात करें तो इसमें 6.44 इंच का Fluid AMOLED डिस्प्ले लगा है, जिसका रिफ्रेश रेट 90Hz और स्क्रीन रिजॉल्यूशन 1080x2400 पिक्सल है। लेटेस्टवर्जन का Android 10 OxygenOS पर बेस्ड इस फोन में Qualcomm Snapdragon 765G का बेस्ट प्रोसेसर लगा है।


वनप्लस नॉर्ड को कंपनी ने अलग अलग 6GB RAM+64GB, 8GB RAM+128GB और 12GB RAM+256GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया गया है। इस फोन में 4115 mAh की बैटरी लगी है, जो 30W फास्ट चार्जिंग वाले अच्छे फीचर के साथ है। वहीं कैमरे की बात करें तो केमरे की क्वॉलिटी एक दम बेस्ट है। इसमें 48 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर वाला क्वॉड कैमरा और 32 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर के साथ डुअल सेल्फी कैमरा है।


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फास्ट टैग क्या है ? | फास्ट टैग कैसे काम करता है ? | फास्ट टैग के फायदे क्या है ? | What is Fast Tag ? | Benifits of Fast Tag - Latest Khabars

फास्ट टैग क्या है ? | फास्ट टैग कैसे काम करता है ? | फास्ट टैग के फायदे क्या है ? | What is Fast Tag ? | Benifits of Fast Tag - Latest Khabars

 Fast Tag : यदि आप राष्ट्रीय राजमार्ग या बाय रोड ट्रैवलिंग के माध्यम से दो प्रमुख शहरों से यात्रा करते हैं, तो आपने हाल के दिनों में राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर FASTag के कई बोर्ड वगेरह देखे होंगे। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जनवरी से सारे टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के लिए सबको अनिवार्य FASTag की पुष्टि की है। हालांकि, मंत्रालय ने पिछले साल इसे अनिवार्य करने के साथ यात्रियों को टोल पर नकद भुगतान की सुविधा भी प्रदान की थी।


फास्टैग क्या है और यह 2021 कैसे काम करता है


फास्टैग क्या है और यह 2021 कैसे काम करता है

अब, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पुष्टि की है कि FASTag एकमात्र विकल्प है, यह कहते हुए कि टोल भुगतान के समय ई-भुगतान भी किया जाएगा ताकि कैशलेस और संपर्क रहित भुगतान किया जा सके। यहां हम आपको FASTag से जुड़े हर सवाल का जवाब दे रहे हैं।


भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा टोल प्लाजा पर टोल संग्रह प्रणाली की समस्याओं के समाधान के लिए भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली शुरू की गई है। इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम या फास्टैग योजना को पहली बार 2014 में भारत में पेश किया गया था। जिसे धीरे-धीरे देश भर के टोल प्लाजा पर लागू किया जा रहा है। फास्टैग सिस्टम की मदद से, आप टोल प्लाजा में टोल टैक्स का भुगतान करते समय आने वाली समस्याओं से छुटकारा पा सकेंगे। फास्टैग की मदद से आप टोल प्लाजा में बिना रुके अपना टोल प्लाजा टैक्स चुका सकेंगे। आपको बस अपना वाहन तेज करना है। आप ये टैग किसी भी आधिकारिक टैग जारीकर्ता या प्रतिभागी बैंक से खरीद सकते हैं।


What is Fast Tag ? | Benifits of Fast Tag - Latest Khabars


सड़क और परिवहन मंत्रालय ने टोल प्लाजा में टोल टैक्स के कारण ट्रेनों की लंबी लाइन और खुले पैसे की समस्या को हल करने के लिए देश के कई टोल प्लाजा पर फास्टैग सिस्टम शुरू किया है। फास्टैग की मदद से आप अपने समय के साथ-साथ अपने पेट्रोल या डीजल की बचत करेंगे। यही नहीं, साल 2016-17 के बीच इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों को सभी टोल भुगतान पर 10% कैशबैक भी मिलेगा। आपको 2017-2018 के बीच 7.5%, 2018-2019 के बीच 5% कैश और 2019-2020 तक 2.5% कैश बैक मिलेगा। एक सप्ताह के भीतर आपका कैश बैक आपके फास्टैग खाते में आ जाएगा। अब तक फास्टैग भारत के चुनिंदा शहरों में टोल प्लाजा पर ही लागू था। लेकिन इसकी सफलता के बाद, सड़क और परिवहन मंत्रालय इसे जल्द ही देश के हर टोल प्लाजा पर शुरू करने की कोशिश कर रहा है।


हम फास्टैग के बारे में जानेंगे कि यह फास्टैग क्या है? और यह कैसे काम करता है, आप इसे कहां से खरीद सकते हैं और आप इसका उपयोग कहां कर सकते हैं और हम इसे कैसे रिचार्ज करते हैं, तो चलिए जानते हैं।


टोल प्लाजा पर टोल संग्रह प्रणाली के कारण होने वाली समस्याओं को हल करने के लिए "नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया" द्वारा भारत में "इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह" (ईटीसी) प्रणाली शुरू की गई है। इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम या फास्टैग योजना भारत में पहली बार 2014 में शुरू की गई थी। जिसे धीरे-धीरे देश भर के टोल प्लाजा पर लागू किया जा रहा है। फास्टैग सिस्टम की मदद से, आप टोल प्लाजा में टोल टैक्स का भुगतान करते समय आने वाली समस्याओं से छुटकारा पा सकेंगे। फास्टैग की मदद से, आप टोल प्लाजा नॉन-स्टॉप में अपने टोल प्लाजा टैक्स का भुगतान करने में सक्षम होंगे, आपको बस फास्टैग को अपनी बांह पर रखना होगा। आप इस टैग को किसी भी आधिकारिक टैग जारीकर्ता, जैसे कि पेटीएम, सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों, आदि से खरीद सकते हैं।


देश भर में सड़क पर टोलों के संग्रह को तेज करने के लिए जल्द ही पेट्रोल पंपों पर फास्टैग उपलब्ध कराए जाएंगे। बाद में, उन्हें पेट्रोल खरीदने और पार्किंग शुल्क का भुगतान करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, अब से फास्टैग पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध होगा और हम इसे देश भर में उपलब्ध कराने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा, ऐसी योजनाएं हैं कि ग्राहक इस कार्ड का उपयोग पेट्रोल खरीदने और पार्किंग सुविधाओं का भुगतान करने के लिए कर सकते हैं।


फास्टैग लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज


फास्ट टैग खाता खोलने के समय, आपको दिए गए फॉर्म के साथ निम्नलिखित दस्तावेज भी जमा करने होंगे, जो इस प्रकार है-


वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC)


मालिक का पासपोर्ट आकार का फोटो


वाहन मालिक का केवाईसी दस्तावेज और पता प्रमाण


वैसे, आपको बता दें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी वाहन निर्माताओं और ऑटो डीलरों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि मालिक द्वारा खरीदे जाने वाले वाहनों पर फास्ट टैग लगाए जाएं, इसलिए अब यह आवश्यक है कि आप अपने वाहन पर फास्टैग। होना पड़ेगा

 स्थापित किया गया।